देहरादून- 09 सितंबर 2026: कैंसर जीवन की दिशा बदल सकता है, लेकिन यह जीवन की पहचान नहीं बनना चाहिए। कैंसर का सफर केवल इलाज और ठीक होने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साहस, मजबूती, भावनात्मक ताकत और जीवन को पूरी तरह जीते रहने का संकल्प भी शामिल है। इसी भावना को मजबूत करते हुए, मणिपाल हॉस्पिटल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर सेंटर ने ‘कैंसर वॉरियर स्पोर्ट्स समिट ~ ज़िंदगी ज़िंदाबाद’ का आयोजन किया। इसमें कैंसर से जूझ रहे लोगों ने एक साथ भाग लिया और खेल, दोस्ती, आत्मविश्वास तथा इंसानी जज़्बे की जीत का जश्न मनाया।
इस समिट का उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना था, जहां कैंसर से जूझ रहे लोग इलाज से जुड़े तनाव और अस्पताल के माहौल से कुछ समय के लिए दूर होकर भागीदारी, बातचीत और साथ होने की खुशी महसूस कर सकें। कार्यक्रम में कैरम, शतरंज, रिंग टॉस, दिमागी पहेलियां, उलझे हुए शब्द, अंताक्षरी, संगीत और मस्ती जैसी कई मजेदार गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के जरिए कैंसर के सफर के दौरान सक्रिय रहने, मानसिक रूप से जुड़े रहने और लोगों के साथ जुड़े रहने के महत्व को सामने रखा गया। यह कार्यक्रम केवल एक खेल आयोजन नहीं था, बल्कि इस बात की याद दिलाता है कि कैंसर के दौरान और उसके बाद भी जीवन में उद्देश्य, हंसी, उम्मीद और खूबसूरत अनुभव बने रह सकते हैं।
इस कार्यक्रम में मणिपाल हॉस्पिटल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर सेंटर के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इनमें डॉ. सौरव दत्ता, निदेशक, मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर सेंटर, ब्रॉडवे और मुकुंदपुर क्लस्टर, कोलकाता; डॉ. नेहा चौधरी, वरिष्ठ सलाहकार एवं विभागाध्यक्ष, ब्रेस्ट सर्जरी; डॉ. देबांजली दत्ता, एसोसिएट सलाहकार, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी; डॉ. पूजा अग्रवाल, सलाहकार, ब्रेस्ट सर्जरी; डॉ. राजीब डे, क्लिनिकल लीड एवं वरिष्ठ सलाहकार, क्लिनिकल हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट; डॉ. अरुणव रॉय, वरिष्ठ सलाहकार एवं प्रमुख, गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी; डॉ. हर्ष धर, वरिष्ठ सलाहकार एवं विभागाध्यक्ष, हेड एंड नेक सर्जरी; और डॉ. किंशुक चटर्जी, सलाहकार, हेड एंड नेक सर्जरी शामिल थे। डॉक्टरों ने कैंसर से जूझ रहे लोगों से बातचीत की और इस बात पर जोर दिया कि कैंसर का इलाज केवल बीमारी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि मरीजों के शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
कार्यक्रम में मेहताब हुसैन, पूर्व भारतीय फुटबॉलर और जाने-माने मिडफील्डर; अंजलि सराओगी, भारतीय अल्ट्रामैराथन धावक, जो अपनी सहनशक्ति और दृढ़ संकल्प के लिए जानी जाती हैं; और अनूप कुमार दास, भारतीय क्रिकेटर, भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम के उत्साह और ऊर्जा को बढ़ाया तथा प्रतिभागियों को सक्रिय जीवनशैली अपनाने, फिटनेस को महत्व देने और जीवन के हर पड़ाव पर अपनी पसंद और जुनून को जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
इस पहल और कैंसर के इलाज से आगे देखने की जरूरत पर बात करते हुए, डॉ. सौरव दत्ता, निदेशक, मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर सेंटर, ब्रॉडवे और मुकुंदपुर क्लस्टर, कोलकाता ने कहा, “कैंसर की देखभाल केवल इलाज की योजना के साथ खत्म नहीं होती। हर कैंसर वॉरियर के सफर में शारीरिक ताकत, भावनात्मक मजबूती और एक मजबूत सहयोग की जरूरत होती है। कैंसर वॉरियर स्पोर्ट्स समिट जैसी पहल एक ऐसा माहौल बनाती हैं, जहां मरीज फिर से जीवन की खुशी महसूस कर सकते हैं, अपनी प्रगति का जश्न मना सकते हैं और खुद को केवल कैंसर मरीज की पहचान से आगे महसूस कर सकते हैं। ‘ज़िंदगी ज़िंदाबाद’ उम्मीद चुनने और जीवन का जश्न मनाने की इसी भावना का उत्सव है।”
कैंसर के सफर में फिटनेस और शरीर की सक्रियता के महत्व पर डॉ. नेहा चौधरी, वरिष्ठ सलाहकार एवं विभागाध्यक्ष, ब्रेस्ट सर्जरी ने कहा, “कई कैंसर वॉरियर्स के लिए यह सफर शरीर, आत्मविश्वास और रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव ला सकता है। अपनी स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार शारीरिक रूप से सक्रिय रहना आत्मविश्वास वापस पाने और सामान्य जीवन की भावना को मजबूत करने में मदद कर सकता है। ऐसे कार्यक्रम हमें याद दिलाते हैं कि फिटनेस का मतलब प्रदर्शन या प्रतियोगिता नहीं है; यह खुद को मजबूत, सक्षम और जीवन से जुड़ा हुआ महसूस करने के बारे में है।”
कैंसर के इलाज के दौरान चिकित्सा और भावनात्मक सहयोग की भूमिका पर पूजा अग्रवाल, सलाहकार, ब्रेस्ट सर्जरी ने कहा, “कैंसर का इलाज शारीरिक और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है और मरीज अक्सर बीमारी के साथ डर और गलत धारणाओं का भी सामना करते हैं। हमें ऐसा माहौल बनाना होगा, जहां कैंसर के बारे में बात करना डर या शर्म से जुड़ा न हो। कैंसर वॉरियर को परिवार, काम, समाज और उन गतिविधियों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जो उन्हें खुशी देती हैं। उनका सफर केवल बीमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनकी गरिमा, आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने के बारे में भी है।”
कैंसर से जुड़े सामाजिक कलंक को खत्म करने की जरूरत पर डॉ. अरुणव रॉय, वरिष्ठ सलाहकार एवं प्रमुख, गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी ने कहा, “कैंसर से आज भी सामाजिक कलंक जुड़ा हुआ है, जो कई बार मरीजों के लिए इलाज की शारीरिक चुनौतियों जितना ही मुश्किल हो सकता है। हमें कैंसर को लेकर अधिक खुले और संवेदनशील तरीके से बातचीत करने की जरूरत है, ताकि मरीज बिना झिझक इलाज ले सकें, अपनी चिंताओं के बारे में बात कर सकें और रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल रह सकें। ‘ज़िंदगी ज़िंदाबाद’ जैसे आयोजन डर और सीमाओं से आगे बढ़कर साहस, आत्मविश्वास और संभावनाओं की ओर सोच बदलने में मदद करते हैं।”
कैंसर से उबरने के पूरे सफर और सकारात्मक सोच के महत्व पर डॉ. राजीब डे, क्लिनिकल लीड एवं वरिष्ठ सलाहकार, क्लिनिकल हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट ने कहा, “कैंसर का इलाज करा रहे या इलाज के बाद ठीक हो रहे मरीजों के लिए हर छोटी-बड़ी उपलब्धि को पहचानना जरूरी है। कैंसर से उबरना केवल इलाज पूरा करने तक सीमित नहीं है; यह धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या, आत्मविश्वास और खुद की पहचान को वापस पाने के बारे में है। शारीरिक गतिविधियां, अच्छे सामाजिक संबंध और भावनात्मक सहयोग कैंसर वॉरियर्स को आत्मविश्वास वापस पाने और इलाज के बाद जीवन को फिर से अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आज प्रतिभागियों का उत्साह और जज़्बा इस बात की मजबूत याद दिलाता है कि ठीक होने का सफर केवल इलाज नहीं, बल्कि साथ मिलकर ताकत, जुड़ाव और खुशी पाने के बारे में भी है।”
इस समिट ने मरीज-केंद्रित और अलग-अलग विशेषज्ञताओं को साथ लेकर चलने वाली कैंसर देखभाल के महत्व को भी सामने रखा। इसमें चिकित्सा उपचार के साथ शारीरिक फिटनेस, भावनात्मक स्वास्थ्य, सामाजिक सहयोग और जीवन की बेहतर गुणवत्ता पर भी ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित किया गया। मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, ब्रेस्ट सर्जरी, न्यूक्लियर मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजी, गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी और हेड एंड नेक सर्जरी के विशेषज्ञों की भागीदारी ने मणिपाल हॉस्पिटल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर सेंटर में कैंसर की व्यापक देखभाल के दृष्टिकोण को दर्शाया।
कैंसर वॉरियर स्पोर्ट्स समिट ~ ज़िंदगी ज़िंदाबाद का समापन सकारात्मकता और जश्न के माहौल में हुआ। इसने एक मजबूत संदेश दिया—कैंसर जीवन के सफर का एक हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसे जीवन की खुशियां छीनने की जरूरत नहीं है। इस पहल के जरिए मणिपाल हॉस्पिटल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर सेंटर ने कैंसर वॉरियर्स को केवल बेहतर चिकित्सा देखभाल देने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास, मजबूती, शारीरिक स्वास्थ्य और बीमारी से आगे एक बेहतर जीवन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।