कलेक्ट्रेट में समाधान दिवसः 140 जनसमस्याएं प्रस्तुत, नाले पर कब्जे से लेकर पेंशन ठगी और संपत्ति विवादों पर डीएम के कड़े निर्देश

देहरादून 24 अगस्त,2026 :आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में पहुंचे 140 फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें से अधिकांश शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही निस्तारण कर दिया। शेष प्रकरणों पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को निश्चित समयावधि के भीतर कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए गए।

 

जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से भूमि अतिक्रमण, नाला बंद होने से जलभराव, विधवा पेंशन में ठगी, घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद और विकास कार्यों में देरी से जुड़े मामले छाए रहे।

 

*अतिक्रमण पर कड़ा रुख, अधिकारियों को फील्ड में उतारा*

ग्राम पंचायत छरबा (लांघा रोड इंडस्ट्रियल एरिया) में मेसर्स हैब फार्मास्युटिकल एंड रिसर्च लिमिटेड द्वारा बरसाती नाले व ग्राम समाज की भूमि पर दीवार बनाकर जलभराव उत्पन्न करने तथा बबली देवी की जमीन के दो खसरा नंबरों पर अवैध कब्जे की शिकायत का जिलाधिकारी ने त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने तहसीलदार विकासनगर और प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र को बैठक से सीधे मौका मुआयना करने और अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। वहीं, ग्राम लक्ष्मीपुर में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत पर एसडीएम विकासनगर को तुरंत जांच कर अतिक्रमण ध्वस्त करने को कहा गया।

 

*पेंशन के नाम पर वसूली और ठगी पर पुलिस जांच*

देवऋषि कॉलोनी निवासी जूली की शिकायत पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। आरोप है कि सीएससी सेंटर संचालक ने विधवा पेंशन बनवाने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे और 4 हजार रुपये लेने के बाद भी उनके मूल दस्तावेज दबाकर बैठ गया। डीएम ने तहसीलदार, जिला कार्यक्रम अधिकारी और कोतवाली प्रभारी को संयुक्त रूप से जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

 

*सामाजिक व पारिवारिक उत्पीड़न पर त्वरित कार्रवाई*

ऋषिकेश निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला राधारानी द्वारा बहू-बेटे पर मारपीट करने, घर से निकालने और भरण-पोषण न देने के आरोप पर डीएम ने सीओ ऋषिकेश व महिला आयोग की टीम को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। सीमाद्वार निवासी नीमा टोलिया की सास व ननद द्वारा पति की मृत्यु के बाद संपत्ति हड़पने और शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न करने के मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजकर निधिक सहायता देने के निर्देश दिए गए। दो छोटे बच्चों के पिता की शिकायत पर, जिसकी पत्नी किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई है और पुलिस कार्रवाई नहीं हो रही, सीओ को मामले में तेजी लाने को कहा गया।

 

लखवाड़ बांध प्रभावित ग्राम पंचायत की तकनीकी चूक से मुआवजे से वंचित किसानों की समस्या पर एसएलएओ को निस्तारण का जिम्मा सौंपा गया। पांववाला सौड़ा में वित्तीय स्वीकृति न मिलने से अटकी सड़क के लिए लोनिवि के अधिशासी अभियंता और बाला जी विहार में सिंचाई नाले से हो रहे भू-कटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग व वन विभाग को कार्य शुरू करने के निर्देश मिले। मोहब्बेवाला में स्पायर स्पोर्ट्स अकादमी में काम करने वाले कर्मचारी की करंट से हुई संदिग्ध मृत्यु मामले में ईई यूपीसीएल को जांच सौंपी गई।

 

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिकता न मानते हुए प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को समाधान का लाभ मिले और अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागीय अधिकारी स्वयं जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करें।

 

समाधान दिवस के अवसर पर अपर जिलाधिकारी (एफआर) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, एसडीएम अपर्णा सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी जीतेन्द्र कुमार सहित विभागों के अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से समस्त उप जिलाधिकारी मौजूद थे।

 

 

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