*देहरादून:* उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आज रायपुर इकाई द्वारा *उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय, परेड ग्राउंड* पर धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के उपरांत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया।
*प्रदर्शन के मुख्य मुद्दे:*
1. *टीईटी से मुक्ति:* RTE अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त रखा जाए।
2. *पुरानी पेंशन योजना:* अक्टूबर 2005 के पश्चात नियुक्त सभी शिक्षक-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाए।
*वक्ताओं के प्रमुख बयान:*
*ब्लॉक अध्यक्ष अरविन्द सिंह सोलंकी* ने कहा कि RTE से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों ने उस समय की निर्धारित योग्यताएं पूरी कर सेवा में प्रवेश किया है। उन पर अब टीईटी थोपना उचित नहीं है। सरकार को इस पर शीघ्र संशोधन करना चाहिए। पेंशन प्रत्येक कर्मचारी का अधिकार है।
*ब्लॉक मंत्री बिनोद सिंह असवाल* ने कहा कि 2017 में RTE अधिनियम में चुपके से संशोधन कर पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर भी टीईटी अनिवार्य कर दिया गया, जो न्यायोचित नहीं है। कोई भी कानून पूर्व की तिथि से लागू नहीं हो सकता।
*जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रावत* ने बताया कि आज पूरे प्रदेश के ब्लॉक मुख्यालयों पर धरना कर ज्ञापन भेजे जा रहे हैं। इसके बाद *17 जुलाई को जनपद मुख्यालय* पर भी प्रदर्शन होगा। यदि सरकार मानसून सत्र में इस “काले कानून” को संशोधित नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ज्ञापन *जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रावत, ब्लॉक अध्यक्ष अरविन्द सिंह सोलंकी, मंत्री बिनोद सिंह असवाल, कोषाध्यक्ष प्रशांत सकलानी* के नेतृत्व में उप शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया।
*धरने में उपस्थित:* संरक्षक शशि दिवाकर, उपाध्यक्ष नीलिमा नेगी, संगठन मंत्री मनजीत सोलंकी, प्रचार मंत्री शांति रावत, NMOPS जिला उपाध्यक्ष अरविंद थपलियाल, ब्लॉक अध्यक्ष अनुराग चौहान सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।