उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के नेतृत्व में विभिन्न जनपदों के पदाधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता धर्मेंद्र सिंह रावत द्वारा की गई

 

उत्तराखंड (देहरादून) वीरवार, 11 जून 2026

उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के नेतृत्व में आज विभिन्न जनपदों के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।देहरादून में होने वाले समस्त कार्यकर्मों हेतु जनपद अध्यक्ष देहरादून धर्मेंद्र सिंह रावत को कार्यक्रम संयोजक मनोनीत किया गया।बैठक की अध्यक्षता धर्मेंद्र सिंह रावत द्वारा की गई।  बैठक का संचालन प्रांतीय तदर्थ समिति सदस्य दिगम्बर सिंह नेगी द्वारा किया गया।बैठक में टीईटी प्रकरण एवं पुरानी पेंशन बहाली हेतु को लेकर 22 जून 2026 को सचिवालय कूच,घेराव एव प्रदर्शन के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। सभी जनपदों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में आंदोलन को सफल बनाने तथा हजारों शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित करने का विश्वास दिलाया।बैठक में टिहरी गढ़वाल से जिला अध्यक्ष चंद्रवीर नेगी, उत्तरकाशी से जिला मंत्री श्री जनक बिष्ट जी, अल्मोड़ा से जिला अध्यक्ष श्री किशोर जोशी जी, देहरादून से जिला अध्यक्ष श्री धर्मेंद्र सिंह रावत जी, चमोली से श्री दिगंबर नेगी जी, प्रांतीय तदर्थ समिति सदस्य एवं अध्यक्ष चम्पावत श्री उत्तम सिंह फर्त्याल जी,अल्मोड़ा अध्यक्ष किशोर जोशी,मंत्री अल्मोड़ा श्री जगदीश भंडारी जी,मुकेश नेगी जिलामंत्री चमोली,मंत्री चम्पावत श्री कीर्ति भट्ट जी, प्रांतीय तदर्थ समिति सदस्य एवं बागेश्वर से अध्यक्ष श्री दीपक रावत जी,प्रांतीय तदर्थ समिति सदस्य देवेश डोभाल जी, पूरण बोरा जी, प्रीतम बर्त्वाल जी,मंत्री बागेश्वर श्री नवीन चंद मिश्रा जी, पिथौरागढ़ से श्री करण सामंत जी, श्री सुंदर सिंह नेगी जी, कोषाध्यक्ष चम्पावत श्री कमल जोशी जी एवं उत्तरकाशी डुंडा अध्यक्ष श्री सतीश चंद्र रमोला जी, संरक्षक चमोली जगदीप रावत, मीडिया प्रभारी चमोली विनोद देवली, सदस्य करन सिंह,कैलाश फर्त्याल जनपद चम्पावत ब्लॉक अध्यक्ष लोहाघाट,सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में निर्णय लिया गया कि शिक्षा एवं शिक्षक हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर 22 जून 2026 को सचिवालय में होने वाले सचिवालय घेराव को ऐतिहासिक बनाया जाएगा। सभी जनपदों से आह्वान किया गया कि अधिकाधिक संख्या में शिक्षक प्रतिभाग करेंगे तथा अपनी एकजुटता का परिचय देंगे। साथ ही 1 जुलाई से अपने क्षेत्र के विधायकों, सांसदों, शिक्षामंत्री, मुख्यमंत्री,महामहिम राज्यपाल उत्तराखंड,प्रधानमंत्री एवं महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन के माध्यम से टीईटी की वाध्यता से मुक्त किये जाने हेतु पत्राचार करेंगे।

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