प्रोजेक्ट तेजी पर फोकस, NHAI व PWD एलिवेटेड रोड की समीक्षा में डीएम के सख्त निर्देश – Nikhil Chetna

प्रोजेक्ट तेजी पर फोकस, NHAI व PWD एलिवेटेड रोड की समीक्षा में डीएम के सख्त निर्देश

राजधानी देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने एवं सुगम कनेक्टिविटी के लिए प्रस्तावित रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बृहस्पतिवार को ऋषिपर्णा सभागार में एलिवेटेड परियोजना और एनएच-7 पर आशारोड़ी-झाझरा परियोजना की समीक्षा बैठक कर विभागीय अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना मा0 मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है। जिलाधिकारी ने परियोजना में प्रस्तावित नगर निगम एवं एमडीडीए को अपनी-अपनी भूमि का रिकार्ड शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। एलिवेटेड कॉरिडोर सर्वेक्षण समिति को विभागवार प्रभावित भूमि का पूरा विवरण तैयार करने को कहा। लोनिवि और राजस्व अधिकारियों मौके पर तैनात रहते हुए परियोजना के लिए चिन्हित सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर बसे लोगों का निर्धारित प्रारूप में पूरा ब्यौरा तैयार करने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित भूमि का विभागवार रिकार्ड तैयार करने के बाद धारा-11 के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक अधिसूचना का शीघ्र प्रकाशन किया जाए और पुनर्वास और पुर्नस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

 

एनएच-7 आशारोड़ी-झाझरा परियोजना में ईस्ट होप टाउन और आरकेडिया ग्रान्ट में ग्रामीणों के अवरोध और वन विभाग की भूमि अवस्थित निर्माण का प्रतिकर भुगतान न होने की समस्या पर जिलाधिकारी ने एनएच अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसडीएम सदर और विकास नगर के साथ मौका मुआयना कर समस्या का शीघ्र निस्तारण किया जाए। देहरादून-हरिद्वार रोड पर सड़क सुधारीकरण कार्य और अवैध अतिक्रमण व कब्जों को हटाने के लिए संबंधित एसडीएम से समन्वय करते हुए पुलिस के सहयोग से त्वरित कार्रवाई की जाए।

 

बैठक के दौरान लोनिवि ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से एलिवेटेड परियोजना पर अब तक किए गए कार्याे की जानकारी दी। बताया कि एलिवेटेड परियोजना का अलाइनमेंट तैयार कर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेज दिया गया है। स्वीकृत होने पर आगे की कार्रवाई की जानी है। रिस्पना नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 10.365 किमी है। रिस्पना परियोजना में कुल 49.04 है0 भूमि प्रभावित होगी। जिसमें 42.89 है0 सरकारी भूमि, 4.01 है0 निजी भूमि, 2.1 है0 वन भूमि शामिल है। इसमें 1022 संरचनाएं (पक्के/कच्चे) शामिल हैं। वहीं, बिंदाल कॉरिडोर की लंबाई 14.264 किमी है। बिंदाल कॉरिडोर में कुल 55.90 है0 भूमि प्रभावित होगी। जिसमें 31.07 है0 सरकारी भूमि, 15.67 है0 निजी भूमि, 2.22 है0 वन भूमि और 6.92 रक्षा संपदा की भूमि शामिल है। इसमें 1656 संरचनाएं (पक्के/कच्चे) शामिल हैं।

बैठक में एसएलएओ स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीमए सदर हरिगिरि, एसडीएम विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, एनएचएआई के आरडी विशाल गुप्ता, एसई लोनिवि ओपी सिंह आदि उपस्थित थे।

 

 

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