देहरादून, 15 जुलाई: मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल की ओर से सक्रिय रूप से जिला प्रशासन की क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को तैनात किया गया है। यह टीम 24×7 एक्टिव मोड में रहकर जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान कर रही है। दून अस्पताल, बंजारावाला और प्रिंस चौक जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सीवर चोक और जलभराव की समस्या सामने आते ही समाधान किया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्माण कार्यों के कारण जनमानस का दैनिक जीवन बाधित होता है, तो संबंधित निर्माण एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बंजारावाला क्षेत्र के मुख्य मार्ग का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि आंतरिक सड़कों का 50% कार्य अभी अधूरा है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था यूयूएसडीए को तीन दिन की अंतिम चेतावनी दी है—निर्दिष्ट समय में कार्य पूर्ण न होने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
दून अस्पताल मार्ग पर सीवर चैंबर ओवरफ्लो की शिकायत पर क्यूआरटी ने मौके पर पहुंचकर अवैध पाइपलाइन को बंद किया और बोतलें व कचरा हटाकर सीवर व्यवस्था को बहाल किया। जांच में पाया गया कि एक नाले की अवैध पाइपलाइन से सीवर चैंबर में वर्षा जल का प्रवेश हो रहा था, जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया।
जिलाधिकारी बंसल ने कहा कि जनशिकायतों पर समयबद्ध और गुणवत्तायुक्त समाधान शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि जलभराव जैसी समस्याओं को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए नियमित सफाई और निरीक्षण अभियान चलाया जाए।
नगर निगम क्षेत्रों में जल निकासी की समस्याओं से निपटने के लिए नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम हरिगिरी और एसडीएम कुमकुम जोशी की अध्यक्षता में त्वरित प्रतिक्रिया टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें मानसून अवधि में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जलनिकासी बाधाओं की पहचान और समाधान के लिए जिम्मेदार होंगी।
जिला प्रशासन की इस सख्त पहल ने जनमानस को राहत दी है और लापरवाह एजेंसियों को चेतावनी का स्पष्ट संदेश दिया है।