सीएम धामी की अध्यक्षता में एनर्जी कॉन्क्लेव का किया गया आयोजन

उत्तराखंड में अधिक से अधिक निवेश लाने को लेकर धामी सरकार 8 और 9 दिसंबर को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करने जा रही है. उससे पहले धामी सरकार हर क्षेत्र के निवेशकों से बातचीत कर राज्य में निवेश करने के लिए एमओयू साइन कर रही है. इसी क्रम में मंगलवार पांच दिसंबर को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में डेस्टिनेशन उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत उत्तराखंड एनर्जी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जिसमे 40 हजार 423 करोड़ के एमओयू साइन किए गए.उत्तराखंड सरकार ने इन्वेस्टर्स समिट के मद्देनजर जो ढाई लाख करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा था, उसके सापेक्ष करीब ढाई लाख करोड़ रुपए का एमओयू साइन हो चुका है. उत्तराखंड एनर्जी कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने के लिए बड़ी संभावनाएं हैं. राज्य की अवधारणा में ऊर्जा सेक्टर का भी महत्वपूर्ण योगदान था. लिहाजा, सरकार की ओर से राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है.

इसी क्रम में औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की ओर से दिए गए सुझावों के आधार पर 27 नई नीतियां बनाई गई हैं. साथ ही तमाम नीतियों को भी सरल बनाया गया है. सीएम ने कहा कि आठ और नौ दिसंबर को देहरादून स्थित एफआरआई में डेस्टिनेशन उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है.

सीएम धामी ने कहा कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगातार उत्तराखंड राज्य को मार्गदर्शन मिल रहा है और जिस तरह से गुजरात राज्य में वाइब्रेंट गुजरात योजना शुरू की गई थी, उसी तर्ज पर डेस्टिनेशन उत्तराखंड पर काम किया जा रहा है.

एनर्जी कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इस कॉन्क्लेव में जो भी सुझाव मिले हैं, उन सुझावों को गंभीरता के साथ अमल में लाया जाए. साथ ही सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को भी निर्देश दिये गये हैं कि औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ समय-समय पर बैठक की जाए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए.

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