सचिव आवास विकास उत्तराखंड शासन द्वारा प्रदेश के जनपदों वाहन पार्किंग परियोजनाओं की जनपदवार समीक्षा की गई

चंपावत।शनिवार को सचिव आवास विकास उत्तराखंड शासन सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय द्वारा प्रदेश के जनपदों *वाहन पार्किंग परियोजनाओं* की जनपदवार समीक्षा की गई। जनपद चम्पावत में वाहन परियोजना निर्माण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भण्डारी ने अवगत कराया कि चम्पावत *जिले में कुल 8 स्थानों में वाहन पार्किग निर्माण हेतु डीपीआर तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजे गए थे जिनमें में 6 स्थानों में वाहन पार्किंग निर्माण के प्रस्ताव शासन से स्वीकृत हो गए हैं। सभी में निर्माण की कार्यवाही भी गतिमान है*।

6 स्वीकृत वाहन पार्किंग परियोजनाओं में चम्पावत नगर में 48 वाहन क्षमता की मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण हेतु प्रथम किश्त के तहत 128.16 लाख रुपये, नगरपालिका टनकपुर में 79 वाहन क्षमता की वाहन पार्किंग हेतु प्रथम किश्त 110.72 लाख रूपये, नगर पालिका लोहाघाट अंतर्गत 22 वाहनों की क्षमता हेतु 122.40 लाख रुपये तथा पर्यटक आवास गृह लोहाघाट परिसर में 41 वाहनों की क्षमता हेतु प्रथम किश्त के तहत 116.44 लाख रुपये तथा पर्यटक आवास गृह चम्पावत में 64 वाहन क्षमता की पार्किग निर्माण हेतु प्रथम किश्त के तहत 173.43 लाख रुपये, व पर्यटक आवास गृह टनकपुर में 96 वाहन क्षमता की मल्टी स्टोरी वाहन पार्किंग निर्माण हेतु प्रथम किश्त के अन्तर्गत 199.30 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हो गई है।
जिलाधिकारी ने सचिव आवास को अवगत कराया कि जिले से 2 स्थानों पूर्णागिरी एवं लोहाघाट में स्थित गैस गोदाम की भूमि में भी मल्टी स्टोटी पार्किंग निर्माण हेतु शासन को प्रस्ताव भेजे गए हैं। साथ ही जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जिले में अनेक स्थानों में विभागों की खाली पड़ी भूमि में भी ग्रीन पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है, वर्तमान में लोहाघाट में चिकित्सा विभाग की खाली पड़ी भूमि में 200 वाहन क्षमता की ग्रीन पार्किंग बनाई जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में ग्रीन पार्किंग को फोकस कर विभिन्न क्षेत्रों में स्थलों का चयन
किया जा रहा है। वीसी में अपर जिलाधिकारी हेमत कुमार वर्मा आदि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।