उत्तराखण्ड, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत *ग्रामीण उद्यम इन्क्यूबेशन कार्यक्रम* शुरू करने वाला उत्तर भारत का पहला राज्य बन गया है

 

 

देहरादून स्थित *सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट (CSI)* में मंगलवार को *‘Business & Handholding Unit for Livelihood Incubation – BHULI’ यानी ‘भुली’* कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ, MIS पोर्टल तथा बुकलेट का विमोचन किया गया।

 

*कार्यक्रम की मुख्य बातें:*

– *उद्देश्य:* SHG की महिला उद्यमियों के पारंपरिक व्यवसायों को मजबूत व्यावसायिक ढांचा देना। योजना में कुल *150 उद्यमियों* का चयन होगा।

– *वित्तीय सहायता:* प्रत्येक वर्ग के 6 उद्यमियों (कुल 18) को अधिकतम *15 लाख रुपये तक का अनुदान*। शेष 132 उद्यमियों को औसत *4 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन*। अन्य आवेदकों को कौशल प्रशिक्षण व मार्गदर्शन।

– *अवधि:* 18 माह का इन्क्यूबेशन, लक्ष्य लाभ में 15-20% की वृद्धि।

– *आवेदन:* इच्छुक महिलाएं IIM काशीपुर FIED की वेबसाइट के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकती हैं।

 

*मुख्य अतिथि ग्राम्य विकास मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी* ने कहा कि ‘भुली’ उत्तराखण्ड की मातृशक्ति के सपनों को पंख देने का अभियान है। IIM काशीपुर के सहयोग से हमारी बहनें रोजगार ढूंढने वाली से रोजगार देने वाली बनेंगी। उन्होंने इसे 150 उद्यमियों तक सीमित न रखकर राज्य स्तर पर विस्तार की कार्ययोजना बनाने की बात कही।

 

*ग्राम्य विकास सचिव श्री धीराज सिंह गर्ब्याल* ने इसे तीन वर्षीय महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए कहा कि यह SHG के पारंपरिक कौशल को कॉर्पोरेट ढांचे में बदलेगी।

 

*IIM काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी* ने कहा कि भुली महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने का शानदार मंच है।

 

कार्यक्रम में महिला उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए और स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए। अतिथियों द्वारा विभिन्न जनपदों से आई SHG उद्यमियों को सम्मानित भी किया गया।

 

कार्यक्रम में CEO USRLM *सुश्री झरना कमठान*, आयुक्त ग्राम्य विकास *अनुराधा पाल*, FIED समन्वयक *प्रो. सफल बत्रा*, अपर CEO *प्रदीप कुमार पाण्डेय* सहित 13 जनपदों की सैकड़ों SHG महिलाएं उपस्थित रहीं।

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