प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान बन गया जन अभियान -रेखा आर्या – Nikhil Chetna

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान बन गया जन अभियान -रेखा आर्या

16 जुलाई 2024 देहरादून: आज हरेला पर्व के अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने आंगनबाड़ी केंद्र,कोटि भानियावाला में वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम से पूर्व महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या का आंगनबाड़ी कार्यक्रतियो द्वारा स्वागत किया गया।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि आज उत्तराखंड हरेला पर्व को मना रहा है ,यह पर्व जहां हमे प्रकृति से जोड़ने का संदेश देता है हमे पेडों की महत्ता को समझना चाहिए। कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने हर किसी से अपनी माता की स्मृति में एक पेड़ लगाने का आह्वाहन किया जिसे की आज हर कोई स्वीकार कर रहा है।

वहीं अपने संबोधन में राज्यपाल जी ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में किये जा रहे कामो की तारीफ की। कहा की आज मंत्री रेखा आर्या ने जिस प्रकार से महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कदम उठाए है वह काबेलितरीफ है। आज उत्तराखंड की हर एक नारी सशक्त हो रही है यह मोदी जी और धामी की के नेतृत्व में साकार हुआ है।

इस दैरान महिला बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा शुरू की गई मुहिम आज हर घर तक पहुंच गई है। कहा कि उन्हें बेहद खुशी हो रही है कि वह आज अपनी आंगनबाड़ी बहनों के साथ हरेला पर्व मना रही है। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि जिस प्रकार पेड़ -पौधे हमे स्वास देने का कार्य करते हैं ठीक उसी प्रकार हमारी माँ भी हमे जिंदगी जीने का सलीका बताती है।कहा कि यह जानकर अत्यंत खुशी हुई कि राज्य का हर एक नागरिक इस मुहिम का हिस्सा बन रहा है। साथ ही कहा कि हरेला का पर्व जहां हमे प्रकृति से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है तो वहीं यह हमें यह सिखाता है कि किस प्रकार से हम सब अपने आस पास की प्रकृति को संवार सकें।

इस दौरान महिला सशक्तिकरण विभाग के सचिव चंद्रेश कुमार, उपनिदेशक विक्रम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार व विभाग के अन्य अधिकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ती एवं बच्चे उपस्थित रहे!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।