संसद में राघव चड्ढा के प्रस्ताव पर हुआ विवाद, राज्यसभा से हुए सस्पेंड

11 अगस्त 2023 नई दिल्ली :  आम  आदमी पार्टी के एक और सांसद राघव चड्ढा को सस्पेंड कर दिया गया है. दिल्ली सर्विस बिल से जुड़े राघव के एक प्रस्ताव पर विवाद के बाद ये एक्शन लिया गया है. ये मामला विशेषाधिकार समिति को भेजा गया था. इससे पहले आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को ही तमाम आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा था. अपनी सफाई में चड्ढा ने बीजेपी को चुनौती दी थी कि वो कागज का टुकड़ा दिखाएं जहां वे हस्ताक्षर का दावा कर रहे हैं.

आप सांसद राघव चड्ढा पर पांचों सांसदों ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने बिना उनकी सहमति के प्रस्तावित पैनल में उनका नाम जोड़ दिया. सभापति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को सांसदों की शिकायतों की जांच विशेषाधिकार समिति को भेज दी थी. सभापति को चड्ढा द्वारा विशेषाधिकार हनन की शिकायतें मिली थीं, जिसमें अन्य आरोपों के साथ-साथ 7 अगस्त को एक प्रस्ताव में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों का उल्लंघन करते हुए, उनकी सहमति के बिना सांसदों के नाम शामिल किए गए थे.

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बिना सहमति के सांसदों का नाम सेलेक्ट कमिटी के प्रस्ताव में शामिल करने पर राघव चड्ढा ने सदन की मर्यादा की अवमानना की. सांसदों के विशेषाधिकार का हनन किया. संसद के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी ये बातें कही. राघव चड्ढा को राज्यसभा से सस्पेंड करने का प्रस्ताव राज्यसभा में पेश किया गया. जबतक विशेषाधिकार समिति अपनी रिपोर्ट नहीं दे देती सस्पेंशन जारी रहेगा.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि निलंबित सांसद संजय सिंह भी ‘हेबुचअल ऑफेंडर’ हैं. मानसून सत्र तक संजय सिंह राज्यसभा से सस्पेंड हैं. संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है. जिस दिन सस्पेंड किया गया, उस दिन भी वह बाहर नहीं गए. कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. गोयल ने कहा कि संजय सिंह ने खेद भी नहीं जताया और अपने व्यवहार को जस्टिफ़ाई करते रहे. ससंद परिसर में कई दिन तक बैठे रहे. संजय सिंह सेशन में 56 बार वेल में आए हैं. पहले भी दो बार सस्पेंड हो चुके हैं.

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