ऋषिकेश नगर निगम बोर्ड बैठक में दो पार्षदों के बीच बढा विवाद

ऋषिकेश :  ऋषिकेश नगर निगम बोर्ड की वित्तीय वर्ष 2023-34 की बजट बैठक के दौरान वित्त मंत्री गुट और मेयर गुट के पार्षद आपस में भिड़ गए। यह तब हुआ जब मंत्री गुट के पार्षद ने रोड कटिंग के रुपये एक ही वार्ड में खर्च करने का मेयर गुट के पार्षद पर लगा दिया। इसपर दोनों गुटों के पार्षदों के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई। बहस इतनी बढ़ी कि एक-दूसरे को देख लेने को कहा जाने लगा। हंगामे के बीच नगर निगम बोर्ड ने विकास और व्यवस्था संबंधी कार्यों के लिए 53 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट को मंजूरी दी।

कांग्रेस पार्षदों ने अवस्थापना निधि से मिली धनराशि को गिने-चुने वार्डों में खर्च करने का आरोप लगाया। कहा कि अवस्थापना निधि से मिली 2.14 करोड़ रुपये की किस्त से केवल 10 वार्डों में विकास कार्य कराए गए। वार्ड-26 में छह विकास कार्य कराए गए हैं। वहीं, अवस्थापना निधि से मिले 1.32 करोड़ की धनराशि को छह वार्डों में खर्च कर दिया गया। कांग्रेस पार्षदों ने मांग की कि अवस्थापना निधि की छह करोड़ की धनराशि सभी वार्डों में समान रूप से खर्च की जाए। इसका भाजपा पार्षदों ने विरोध कर दिया। ये लोग साढ़े वर्ष वर्ष से विकास कार्यों से वंचित वार्डों में कार्य कराने की मांग पर अड़ गए। फिर इसे लेकर भी दो पक्षों में जबरदस्त बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष निगम मनीष शर्मा ने कहा कि अवस्थापना निधि का बजट समान रूप से ही खर्च किया जाएघा। अधिकांश पार्षदों ने उनके प्रस्ताव को समर्थन दिया। बैठक में पार्षद राधा रमोला, विजेंद्र मोघा, तन्नू तेवतिया, अनीता रैना, रीना शर्मा, पुष्पा शर्मा, शकुंतला शर्मा, रूपा देवी, लव कंबोज, चेतन शर्मा, सोनू शर्मा आदि 30 पार्षद और तीन नामित पार्षद उपस्थित थे।

वित्त मंत्री गुट के भाजपा पार्षद विकास तेवतिया ने आरोप लगाया कि रोड कटिंग के बजट से निगम को 4.5 करोड़ रुपये मिले हैं। इन रुपयों से केवल वार्ड-33 में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इतना सुनना था कि मेयर के गुट स्थानीय पार्षद विजय बडोनी का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। दोनों में तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई। मामला इस कदर बढ़ा कि पार्षद एक दूसरे को देखने की बात भी कहने लगे। पार्षद अजीत सिंह गोल्डी और गुरविंदर सिंह गुर्री ने दोनों को समझाकर शांत कराया। अंत में कांग्रेस पार्षद जगत सिंह ने रोड कटिंग का पैसा सभी प्रभावित 20 वार्डों में लगाने का सुझाव दिया। इसपर सभी ने सहमति दी।

भाजपा पार्षद शिवकुमार गौतम ने रेहड़ी और फड़ व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस जारी करने की मांग की।
– पार्षद देवेंद्र प्रजापति ने आईएसबीटी की सड़क का निर्माण कराने की मांग की।
– कांग्रेस पार्षद जगत सिंह ने कहा कि उनके वार्ड में डेढ़ महीने पहले काम को मंजूरी मिली थी, लेकिन अब तक पैमाइश नहीं हुई।

मेयर ने आईएसबीटी की सड़क बनाने का टेंडर जारी करने का निर्देश दिया।
– मेयर ने वार्डों में काम पूरा न करने पर पेयजल निगम को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
– मेयर ने कहा- वार्डों की समस्याओं की पड़ताल के लिए टीम गठित की जाए, समस्याओं का निराकरण न होने पर संबंधित अधिकारी ही सर्विस बुक में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज होनी चाहिए।

 बोर्ड ने 100 रुपये मासिक शुल्क पर ट्रेड लाइसेंस जारी करने का प्रस्ताव पास किया गया।
– 15वें वित्त से मिलने वाले अनटाइड अनुदान में 56 लाख की कटौती को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने का प्रस्ताव पास किया गया।

नगर निगम की आमदनी घट पर उठाए सवाल
विज्ञापन, यूजर चार्ज और व्यवसायिक भवन कर की वसूली घटने पर पार्षदों ने अधिकारियों पर सवाल उठाए। भाजपा पार्षद विकास तेवतिया और शिवकुमार गौतम ने कहा कि कभी पिछले वित्त वर्ष में विज्ञापन से 63 लाख की वसूली हुई। इस साल केवल चार लाख वसूले गए। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी ने यूनीपोल न लगने का हवाला देकर भुगतान नहीं किया। बताया कि इसकी जांच भी कराई गई है। पार्षदों ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और शेष रकम वसूलने की मांग की। पार्षदों ने कहा कि कूड़ा उठान शुल्क भी 52 लाख से 45 लाख रुपये पर आ गया है, इसकी भी जांच कराई जाए। पार्षदों ने कहा निगम का गृहकर अनुभाग व्यावसायिक कर भी वसूल नहीं पा रहा है।

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