जिलाधिकारी अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन

देहरादून (जि.सू.का), जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में 75 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें अधिकतर शिकायतें भूमि विवाद, अतिक्रमण, अवैध निर्माण, पेंशन, पेयजल, संपत्ति विवाद, जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने, आर्थिक सहायता, बीमा फ्राॅड रकम वापसी, राशन कार्ड बनाने, पशु हानि, में मुआवजा देने, डामटा- चकराता-लाखामण्डल रोड़वेज बस सेवा शुरू करने, अवैध कब्जा, सिंचाई नहर, भूमि प्रदान करने आदि से संबंधित प्राप्त हुई। जिनमें अधिकतर शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया तथा जिन शिकायतों पर जांच/आख्या की आवश्यकता है को संबंधित विभागों को हस्तान्तरित की गई।
जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम पिछले सप्ताह आयोजित जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विगत जनसुनवाई में प्राप्त हुई शिकायतों जिनमें मौका मुआवना उपरान्त निस्तारण होना है यदि अभी तक मौका मुआवना नहीं हुआ है। तो तत्काल मौका मुआवना करते हुए निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों को लंबित रखने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने नगर निगम को नालियों की सफाई तथा विद्युत विभाग को झूलते हुए तारों को व्यवस्थित करते हुए आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जनसुनवाई में ऋषिकेश, डोईवाला, विकासनगर, चकराता तहसील क्षेत्रान्तर्गत प्राप्त शिकायतों को संबंधित उप जिलाधिकारियों को निस्तारण हेतु निर्देश दिए गए साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायत निस्तारण के उपरान्त तथा जिन शिकायतों पर निस्तारण की कार्यवाही गतिमान है से संबंधित शिकायतकर्ता को अवगत करा दिया जाए। उन्होंने जनमानस से अनुरोध किया कि जनसुनवाई में शिकायत निस्तारण हेतु दिए गए प्रार्थना पत्र पर दूरभाष नंबर चस्पा करें जिससे शिकायतों की स्थिति के संबंध में जानकारी दी जा सकें।
जिलाधिकारी ने जनमानस से आजादी का अमृतमहोत्सव के अन्तर्गत 13 अगस्त से 15 अगस्त तक ‘‘हर घर तिरंगा’’ के तहत् सभी को अपने घरों पर तिरंगा झंडा लगाने की अपील की तथा समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया कि इस कार्यक्रम के अन्तर्गत ‘हर घर तिरंगा’ लगाये तथा अन्य को भी इसके लिए प्रेरित करते हुए फ्लैग आॅफ कोड का परिपालन करने हेतु जागरूक करें।
जनसुनवाई में मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून मनुज गोयल, मुख्य विकास अधिकारी झरना कंमठान, अपर जिलाधिकारी डाॅ0 एस.के बरनवाल, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण आरसी तिवारी, उप जिलाधिकारी सदर/मसूरी नरेश चन्द्र दुर्गापाल, नगर मजिस्ट्रेट कुश्म चैहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ मनोज उप्रेती, मुख्य कोषाधिकारी रोमिल चैधरी सहित संबंधित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे तथा उपजिलाधिकारी चकराता, विकासनगर, डोईवाला एवं ऋषिकेश आॅनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।