कोटद्वार में टीका और कलावा प्रतिबंध के निर्देश पर विवाद, विश्व हिंदू परिषद ने जताया आक्रोश – Nikhil Chetna

कोटद्वार में टीका और कलावा प्रतिबंध के निर्देश पर विवाद, विश्व हिंदू परिषद ने जताया आक्रोश

विश्व हिंदू परिषद ने कोटद्वार स्थित ब्लूमिंग वेल पब्लिक स्कूल द्वारा विद्यालय में छात्र-छात्राओं को माथे पर टीका लगाने और हाथ में कलावा पहनकर आने से रोकने संबंधी निर्देश पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और कई सामाजिक संगठनों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
बताया जा रहा है कि विद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों को अनुशासन और ड्रेस कोड का हवाला देते हुए टीका और कलावा पहनकर विद्यालय न आने के निर्देश दिए गए थे। जैसे ही यह मामला अभिभावकों और स्थानीय संगठनों तक पहुंचा, इसे लेकर विरोध शुरू हो गया।
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने इसे हिंदू धार्मिक परंपराओं और आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि टीका और कलावा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक हैं। संगठन का कहना है कि इस प्रकार के निर्देश बच्चों की धार्मिक स्वतंत्रता पर अनावश्यक रोक लगाने जैसे हैं, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विहिप कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यालयों का कार्य बच्चों को शिक्षा देना है, न कि उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करना। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि विद्यालय प्रशासन ने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा।
दूसरी ओर, विद्यालय प्रबंधन की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने केवल एक समान ड्रेस कोड और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्देश जारी किया होगा।
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में बहस तेज हो गई है। कई अभिभावकों का मानना है कि धार्मिक प्रतीकों पर रोक उचित नहीं है, जबकि कुछ लोग विद्यालयों में एक समान अनुशासन की आवश्यकता की बात भी कह रहे हैं।
फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजरें विद्यालय प्रशासन की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

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