“पश्चिम एशिया संकट के बीच PM मोदी शुक्रवार को मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक करेंगे, ईंधन-खाद-महंगाई पर फोकस” – Nikhil Chetna

“पश्चिम एशिया संकट के बीच PM मोदी शुक्रवार को मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक करेंगे, ईंधन-खाद-महंगाई पर फोकस”

 

पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका के बीच तनाव और जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक वर्चुअल बैठक बुलाई है।

बैठक का मकसद वैश्विक संकट से भारत में पैदा हो सकने वाली चुनौतियों के लिए ‘टीम इंडिया’ भावना के साथ साझा रणनीति बनाना है। एजेंडा पूरी तरह युद्ध के आर्थिक और रणनीतिक असर पर केंद्रित रहेगा — खासकर सप्लाई चेन और ऊर्जा सुरक्षा।

*बैठक के मुख्य बिंदु*
– ईंधन और गैस: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई चेन में रुकावटों को कैसे संभालें
– खाद और उर्वरक: किसानों को उर्वरक की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करना
– महंगाई पर लगाम: आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को काबू में रखने के लिए राज्यों से समन्वय

*चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री क्यों नहीं होंगे शामिल*
अप्रैल-मई 2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव हैं। चुनाव आयोग के नियमों के चलते इन राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में शामिल नहीं होंगे; इनके मुख्य सचिवों के साथ कैबिनेट सचिवालय अलग से बातचीत करेगा। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि की है और लोगों से ईंधन की पैनिक बुकिंग न करने की अपील की है।

*7 एम्पावर्ड ग्रुप्स सक्रिय*
कोविड मॉडल की तर्ज पर सरकार ने 7 अधिकार प्राप्त समूह बनाए हैं जो ईंधन, आपूर्ति श्रृंखला, उर्वरक और मुद्रास्फीति जैसे क्षेत्रों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।

हाल ही में संसद में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह युद्ध गंभीर वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा कर सकता है, जिसके असर लंबे समय तक रह सकते हैं। उन्होंने लोगों से संभावित व्यवधानों के लिए तैयार रहने को कहा और भरोसा दिलाया कि सरकार भारत पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए सक्रिय काम कर रही है। भारत कूटनीति और तनाव घटाने के पक्ष में आवाज उठा रहा है, और प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि इस दौर में किसानों को सुरक्षा देनी है और गरीब व प्रवासी श्रमिकों तक जरूरी वस्तुएं पहुंचानी हैं।

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