महिलाओं को ₹10000 राशि मिलने के साथ ही निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 

1 नवंबर 25: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार   ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने  के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की है. अब इस योजना के तहत बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.अब पात्र महिलाओं को मिलने वाले 10 हजार रुपये पूरी तरह अनुदानित होंगे. यानी यह राशि लौटानी नहीं होगी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह महत्वाकांक्षी योजना राज्य में 29 अगस्त 2025 से लागू हुई. इस योजना का मकसद है कि राज्य के हर परिवार की कम से कम एक महिला को उसकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाए, ताकि वह अपने परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे सके.पहले चरण में, पात्र महिलाओं को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से उनके बैंक खातों में 10,000 रुपये की राशि दी जा रही है. जिन महिलाओं ने अपने व्यवसाय की शुरुआत कर ली है, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी. यह राशि पूरी तरह से अनुदान है- यानी इसे वापस नहीं करना होगा.

 

योजना में आवेदन की कोई अंतिम तिथि तय नहीं की गई है. पात्र महिलाएं किसी भी समय आवेदन कर सकती हैं. जानकारी के मुताबिक, अब तक लगभग 1 करोड़ 50 लाख महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये की राशि भेजी जा चुकी है, जबकि बाकी महिलाओं को दिसंबर 2025 तक राशि देने का लक्ष्य रखा गया है.

इस योजना के तहत महिलाएं अपनी पसंद का कोई भी छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती हैं, जैसे- किराना, फल-सब्जी, बर्तन, सौंदर्य प्रसाधन, स्टेशनरी, ब्यूटी पार्लर, सिलाई-कढ़ाई, मोबाइल रिचार्ज सेंटर, फोटोकॉपी, कृषि, गौपालन या मुर्गीपालन आदि.

 

ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं जो जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हैं, वे अपने ग्राम संगठन (VO) की विशेष बैठक में आवेदन कर सकती हैं. जो महिलाएं SHG से नहीं जुड़ी हैं, उन्हें पहले समूह से जोड़कर योजना का लाभ दिया जाएगा.

शहरी क्षेत्र की महिलाएं अपने क्षेत्रीय संगठन (ALF)/VO या नगर निकाय की बैठक में आवेदन कर सकती हैं. इसके अलावा, जो महिलाएं समूह से नहीं जुड़ी हैं, वे www.brips.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं.सरकार की ओर से लाभार्थी महिलाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण की भी सुविधा दी जाएगी, ताकि वे अपने चुने हुए व्यवसाय को बेहतर तरीके से चला सकें.यदि किसी महिला से आवेदन या लाभ दिलाने के लिए पैसे मांगे जाएं, तो वह ग्रामीण क्षेत्र में जीविका कार्यालय, बीडीओ, डीसी या डीएम को शिकायत कर सकती है. शहरी महिलाएं अपने नगर निकाय कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकती हैं. यह योजना बिहार की महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

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