केदानाथ-बदरीनाथ सहित चारधाम यात्रा में टूटा तीर्थ यात्रियों का रिकॉर्ड, 31 मई तक 13 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है। अभी तक साढ़े तेरह लाख तीर्थयात्री उत्तराखंड चारधाम दर्शन हेतु पहुंच चुके हैं। जिस तरह से भीड़ जुट रही है। इससे इस बार रिकार्ड टूटने की उम्मीद है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बीती आठ मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुले हैं।

8 मई से 31 मई तक 4,68,306 तीर्थयात्री धाम पहुंच गये। श्री केदारनाथ धाम में 6 से 31 मई तक 4,35,203 तीर्थयात्री केदारनाथ पहुंचे हैं। इसमें हेलीकॉप्टर से पहुंचे 45,343 तीर्थयात्री भी शामिल हैं। श्री गंगोत्री धाम कपाट में 3 मई से 31 मई तक 2,54,226 तथा श्री यमुनोत्री धाम में 3 से 31 मई तक 1,90,104 तीर्थयात्री पहुंचे हैं।

31 मई देर रात तक श्री बदरीनाथ-केदारनाथ पहुंचने वाले कुल तीर्थयात्रियों की संख्या का योग 9,03,509 है। 31 मई तक श्री गंगोत्री-यमुनोत्री पहुंचे तीर्थ यात्रियों की संख्या 4,44,330 रही।‌ 31 मई रात्रि तक उत्तराखंड चारधाम पहुंचे संपूर्ण तीर्थयात्रियों की संख्या 13,47,839 है। जबकि 22 मई से 31 मई तक श्री गुरूद्वारा हेमकुंट साहिब में 24356 यात्री पहुंचे हैं।

गर्मी से बेहाल पांच तीर्थयात्री बेहोश हो गये
चिलचिलाती धूप में फोटो पंजीकरण के लिए लंबी लाइन में खड़ा होना तीर्थयात्रियों के लिए मुसीबत बन रहा है। गर्मी से बेहाल पांच श्रद्धालु अचानक चक्कर आने से बेहोश होकर जमीन पर जा गिरे। साथी श्रद्धालुओं ने संभाला और यात्री हेल्थ रिलीफ केंद्र में उपचार कराया। हालत में ठीक होने पर यात्री पंजीकरण के लिए फिर लाइन में खड़े हो गए।

चारधाम यात्रा के लिए सीमित फोटो पंजीकरण से दुश्वारियां बढ़ती जा रही है, जिसका खामियाजा विभिन्न प्रांतों से आए तीर्थयात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड में स्थित फोटो पंजीकरण केंद्र में पंजीकरण के 21 काउंटर बनाए गए हैं। पिछले पांच दिनों से सभी काउंटरों के आगे श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग रही है।

शेड की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से यात्री खुले आसमान के नीचे चिलचिलाती धूप में खड़े होने को मजबूर हैं।  बुधवार को भी पंजीकरण के लिए भारी संख्या में तीर्थयात्री उमड़े। हालात यह रहे कि सभी काउंटरों के आगे आधा किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही। हवा पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से पंजीकरण के लिए चिलचिलाती धूप में खड़े तीर्थयात्री बेहाल नजर आते हैं।  धूप से बचने के लिए प्लास्टिक की चादर और छाते का सहारा ले रहे हैं।लेकिन तन को झुलसाने वाली गर्मी के आगे यह इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। शिवपुरी, मध्यप्रदेश से आए रामकुमार रघुवंशी ने बताया कि पंजीकरण के लिए लाइन में काफी देर से चिलचिलाती धूप में खड़े उनके साथ आए पांच यात्री जिसमें तीन महिलाएं औ दो पुरूष चक्कर आने से बेहोश हो गए। यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड में स्थित यात्री हेल्थ रिलीफ कैंप में ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार हुआ।

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